मंदिर की जमीन के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर रजिस्ट्री कराई, SDM की जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया…..

धार ,जिले में सरकारी जमीनों की खरीद-फरोख्त बड़े पैमाने पर जारी है। जमीन खरीदी-बिक्री के बड़े-बड़े घोटाले देखने को मिले है। लेकिन अब बाग में मंदिर की जमीन को हड़पने का मामला सामने आया है। मंदिर के महंत को धोखे में रखकर कुछ लोगों ने पटवारी से मिलीभगत कर मंदिर की कृषि भूमि की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाई और फिर भूमाफिया को कॉलोनी के लिए बेच दी गई। पुलिस ने फिलहाल पटवारी के खिलाफ ही केस दर्ज अब से कुछ देर पहले किया है। इधर, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बनाई गई है।

बाग के नरसिंह मंदिर (बड़ा मंदिर) की कृषि भूमि हल्का नंबर-15 के सर्वे क्रमांक-104, 105, 106 व 107 पर स्थित है। गत दिनों कलेक्टर अधिपत्य की नरसिंह मंदिर की भूमि की फर्जी रजिस्ट्री करवा कर बड़ी गड़बड़ी की। इस मामले में जमीन को अवैध तरीके से कॉलोनी के लिए खरीदी गई और बकायदा उसकी रजिस्ट्री भी करवा ली गई। इस पूरे खेल में मुख्य भूमिका पटवारी विश्वनाथ तिवारी ने निभाई। तिवारी ने ही राजस्व रिकार्ड स्थित भूमि सर्वे नंबर में छेड़छाड़ कर इसमें बदलाव किया और जमीन की रजिस्ट्री करवाने में मदद की।

इस तरह चला खरीदी-बिक्री का खेल

दरअसल कुछ वक्त पूर्व महंत ब्रजमोहनदास गुरू कन्हैयादास की तबीयत बिगड़ जाने के चलते महंत ने मंदिर व मंदिर की भूमियों का कार्यभार संजय तिवारी को देखरेख का जिम्मा सौंपा। तब महंत ब्रजमोहनदास को गुमराह का तत्कालीन पटवारी विश्वनाथ तिवारी की मिलीभगत से संजय तिवारी ने भूमि की भर्ती रजिस्ट्री करवा ली। बताया जा रहा है कि भूमि की रजिस्ट्री संजय तिवारी के नाम पर होने के बाद इस जमीन को बाग के उद्योगपति को बेच दी गई। लेकिन इस सभी चीजों की जानकारी महंत ब्रज मोहनदास को नहीं थी।

रजिस्ट्री के बाद हुई शिकायत…..

जब जमीन खरीदी-बिक्री की जानकारी लोगों तक पहुंची तो लोगों ने महंत बृजमोहन दास को इस बात की जानकारी दी। चूंकि मंदिर की जमीन पर कब्जा मंदिर का ही था। ऐसे में हिंदू जागरण मंच की तरफ से इस मामले की शिकायत कलेक्टर धार व एसपी धार को की गई। मामले की जांच के बाद राजस्व विभाग की तरफ से पुलिस में केस दर्ज करवाया गया है। इस मामले में जांच के बाद बाग पुलिस ने गंजानंद पिता हरीशंकर उपाध्याय की रिपोर्ट पर आरोपी पटवारी विश्वनाथ पिता रामसूख तिवारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। टीआई रणजीत बघेल के अनुसार एसडीएम कार्यालय से पञ प्राप्त होने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया हैं, अब पुलिस भी अपने स्तर पर प्रकरण की जांच करेगी।

 

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